आचार्य प्रशांत से जुड़ने के माध्यम

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  1. अद्वैत बोध शिविर

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34वां अद्वैत बोध शिविर

स्थान: उत्तराखंड

तिथि: 28-31 जुलाई

आचार्य प्रशांत के सानिध्य में रहने और दुनिया भर के दुर्लभ शास्त्रों का अध्ययन करने के इस सुनहरे अवसर को व्यर्थ न जाने दें।

इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं।

हिमालय पर हर महीने आयोजित किए जाने वाले इन बोध शिविरों का एक अनोखा माहौल होता है। उस माहौल का हिस्सा बनने हेतु शीघ्र ही आवेदन भेजें।

ई-मेल करें: requests@prashantadvait.com

या संपर्क करें:

श्री अंशु शर्मा: +91 – 8376055661

श्री कुंदन सिंह: +91 – 9999102998

  1. आध्यात्मिक ग्रंथों का शिक्षण (कोर्स)

 

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प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह मासिक कोर्स, विश्व में शांन्ति एवं बोध स्थापित करने की दिशा में एक अनोखा कदम है।

इस कोर्स में मूलतः शास्त्रों का अध्ययन किया जाता है। आध्यात्मिक ग्रंथों पर गहन अध्ययन करके, उन्हें रोज़-मर्रा के जीवन में घटने वाली सभी घटनाओं से जोड़ा जाता है।

कुछ चुनिंदा ग्रंथ जैसे श्रीमदभगवद्गीता, उपनिषद्, ब्रह्म सूत्र, अष्टावक्र गीता, इत्यादि पर अध्ययन करके उनमें निहित्त अलौकिक रहस्यों को उजागर किया जाता है।

आचार्य प्रशांत स्वयं इस कोर्स को प्रेरणा एवं गति प्रदान करते हैं। सभी सत्रों को आचार्य जी व्यक्तिगत रूप से संचालित करते हैं। इन सत्रों का हिस्सा व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन स्ट्रीमिंग  द्वारा स्काइप या वेबिनर से बना जा सकता है।

हिस्सा बनने हेतु ईमेल करें:  requests@prashantadvait.com

किसी अन्य जानकारी हेतु संपर्क करें: श्री अपार मेहरोत्रा: +91 9818591240

  1. जागृति माह

New Microsoft Office PowerPoint Presentation (2)हर महीने आयोजित किये जाने वाले इन सत्रों में जीवन के किसी एक मुख्य विषय पर आचार्य जी के साथ गहन चर्चा की जाती है एवं हर मनुष्य के निजी जीवन से जुड़े रहस्यों को उजागर किया जाता है। यह सभी सत्र हमारी आम दिनचर्या के समस्याओं को हल करने में बहुत लाभदायक हैं।

वो सभी, जो किसी कारणवश इन सत्रों में मौजूद नहीं हो सकते, संस्था की ओर से, उनके लिए इन सत्रों का ऑनलाइन स्ट्रीमिंग  के ज़रिये, स्काइप या वेबिनार  द्वारा सीधा प्रसारण किया जाएगा। इस सुविधा से कोई भी व्यक्ति, दुनिया के किसी भी कोने से, आचार्य जी को सुन सकता है।

अन्य जानकारी हेतु ई-मेल भेजें: requests@prashantadvait.com

या संपर्क करें:

सुश्री अनुष्का जैन: +91 9818585917

  1. आचार्य जी से निजी साक्षात्कार

18222525_1109586855813957_3599554850414951941_nवो चंद भाग्यशाली लोग जिनके मन में आचार्य जी संग निजी समय बिताने की इच्छा उठती हो, उनके लिए यह एक अनूठा अवसर है। वो या तो स्काइप द्वारा या स्वयं उपस्थित होकर आचार्य जी से मिल सकते हैं।

ई-मेल भेजें:    requests@prashantadvait.com 

या संपर्क करें:

सुश्री अनुष्का जैन: +91 9818585917

 

5.     त्रियोग

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प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जाने वाला यह कार्यक्रम आपकी सुबह को और ताज़ा एवं ऊर्जावान बनाकर आपके जीवन और घर में एक स्वस्थ माहौल बनाता है।

त्रियोग तीन अलग तरह के योगों का — हठ योग, भक्ति योग एवं ज्ञान योग — एक अनूठा और दुर्लभ संगम है। सभी लोग अपने परिवारजनों सहित इस कार्यक्रम में हिस्सा लेकर अपने जीवन को और आनंदपूर्ण एवं खुशहाल बना सकते हैं।

आवेदन हेतु संपर्क करें:  श्री कुणाल/ श्री सिद्धार्थ : +91-9871561234/ +91-9650085849

या ईमेल करें requests@prashantadvait.com पर

स्थान: अद्वैत बोध्स्थल, ग्रेटर नॉएडा

तिथि: 1 अगस्त 2017 से 

समय : सुबह 5:०० -7:०० बजे तक


परिचय:

नमस्कार! सुसंयोग से आप आध्यात्मिक साहित्य के एक अनूठे कोष पर आ पहुंचे हैं जो मनुष्य द्वारा पढ़े गए उच्चतम शब्दों के समकक्ष है। यह साइट 1000 से अधिक उत्कृष्टतम कोटि के आध्यात्मिक लेखों का संग्रह है। समसामयिक, किन्तु समयातीत। दैनिक जीवन से सम्बंधित, पर संसार के पार का सार लिए हुए।

इसके चार प्रमुख भाग हैं:

यहाँ आपको आचार्य प्रशान्त के माध्यम से आये हुए शब्द मिलेंगे (हाल के पोस्ट पर जाएँ)। युवा मर्मदर्शी (जीवनी पढ़ें) , जिनके शब्दयोग सत्रों, शून्य-स्मरण विधियों एवं अनहद-क्रिया उत्सवों द्वारा चहुँदिश शान्ति, बोध एवं प्रेम विस्तीर्ण हो रहे हैं। (1000+ लेखों की पूर्ण सूची पर जाएँ)

अनूठे हैं अस्तित्व के खेल। आपने प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन की शिक्षा आइ.आइ.टी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली) एवं आइ.आइ.एम (भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद)  से प्राप्त की। तदोपरांत आप प्रबंधक के तौर पर कुछ वर्षों तक, एवं भारतीय सिविल सेवा में कुछ सप्ताह तक रहे। परन्तु सत्य के आह्वान के समक्ष समस्त लब्धप्रतिष्ठ आकर्षण फीके पड़ जाते हैं। वर्षों की गहन आध्यात्मिक साधना के बाद आप कालातीत को समर्पित हो लिए और ‘प्राज्ञ आध्यात्मिकता द्वारा एक नयी मानवता के सृजन’ हेतु अद्वैत लाइफ़-एजुकेशन एवं अद्वैत-प्रशांत संस्थाओं की स्थापना की।

आज अद्वैत आन्दोलन के रूप में लाखों जनों के जीवन को छू रहा है। लोगों से सीधे संपर्क के अलावा इन्टरनेट आधारित अन्य माध्यमों के द्वारा भी संपृक्त होकर अद्वैत सभी के लिए बोध, शान्ति एवं प्रेम का माध्यम बन रहा है।

आप अनुग्रहीत हों!

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