ग़लती

 

  •  परम गलती है परम सत्य को भूल जाना।”

 

  • “बहुत बड़ी गलती है गलती के बारे में सोचना। जिसने गलती के बारे में सोचा, वो गलती पे गलती दोहराएगा।”

 

  • “गलती वो नहीं जो आपने अतीत में करी थी। अतीत में जो हो गया, सो हो गया। अतीत में कोई गलतियाँ नहीं होती। गलती होती है मात्र वर्तमान में।”

 

  • “वर्तमान में अतीत की गलतियों के स्मृति अपने आप में एक बड़ी गलती है। वर्तमान में उपस्थिति नहीं, इससे बड़ी गलती क्या हो सकती है?”

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उपरोक्त सूक्तियाँ आचार्य प्रशांत के लेखों और वार्ताओं से उद्धृत हैं