कवितायें

मैं चुप हूँ (1995)

असुर – अवतार  (1995)

मैं (जून 1995)

इंसान (अक्टूबर 1995)

वह रात (21 अक्टूबर 1995, रात्रि 1 बजे; धनतेरस)

तलाश (अक्टूबर 1995)

दार्शनिकता(अक्टूबर 1995)

क्यों एक बार फिर? (3 मई 1996, दोपहर 12:30; IIT से लौटने के पहले दिन)

स्नेहाकांक्षी (5 मई 1996)

आशा में  (12 मई 1996)

घड़ी (20 मई 1996)

छवि तुम्हारी (3 अक्टूबर 1996)

अकेला (4 मई 1997, रात्रि 12:45)

मैंने पूछा (26 जून 1997)

रात, शहर और मैं (29 जून 1997)

विजयादशमी के बैरियर का डंडा (10 अक्टूबर 1997; दशहरा)

देव अब छोड़ दो मुझको(10 अक्टूबर 1997; दशहरा)

सोता सपना (13 जुलाई 1998)

अल्पसंख्यक (01 अक्टूबर 1998, दोपहर 03:45; दशहरा)

शहर पर व्यर्थ चाँद (29 अप्रैल 1999)

मेरा ऑफिस और चाँद (27 मार्च 2000; ऑफिस में)

…पूर्व संध्या पर (28 मार्च 2000)

क्या करेगी कविता (15 नवंबर 2009)

सोने का हक़ (05 जुलाई 2015)

मेरे लिए यही है मेरा काम (10 मार्च 2016)

जब गीत न अर्पित कर पाओ (20 अक्टूबर 2017)

जो कुछ लिखा तूने  (28 मार्च 2018)