कृतज्ञता

 

  • “कृतज्ञता से उसका देना नहीं शुरू हो जाता, कृतज्ञता से तुम्हें मिलना शुरू हो जाता है।”

 

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उपरोक्त सूक्तियाँ श्री प्रशांत के लेखों और वार्ताओं से उद्धृत हैं

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