ममता और आशा: बेचैनी के रूप

बेचैनी आशा रूप में: कुछ मिल जाएगा।

बेचैनी ममता रूप में: कुछ छूट न जाए।

आशा और ममता तब उठते हैं जब आप सत्य से दूर होते हैं।

जो बीमार है वही स्वस्थ होने की इच्छा करता है।

जैसे-जैसे आप स्वस्थ होते जाते हैं, वैसे-वैसे आपकी यह इच्छा क्षीण होती जाती है।

स्वस्थ इंसान स्वास्थ्य की कामना नहीं करता।

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