विवेक का अर्थ

मन का एक होना वो है, मन की एक सामग्री वो है, जो मन को उसके स्रोत से दूर करती है|

और मन की एक दूसरी सामग्री वो है जो उसको स्रोत के निकट लेकर जाती है|

ये आपके सामने कुछ पन्ने हैं, किताबें हैं |तो एक किताब हो सकती है जो मन को बहकाए और एक किताब हो सकती है जो मन को साध दे| स्रोत के पास ले जाए| हैं दोनों किताबें ही| हैं दोनों शब्द ही, किसी और का कहा हुआ शब्द है|

दोनों ही किसी और के कहे हुए शब्द हैं| दोनो में ही कोई दूसरा मौजूद है| और दोनों की मौजूदगी में ही ज़मीन आसमान का अंतर है|

एक है, जो आपको आपके करीब ले जा रहा है और एक है जो आपको आपसे ही दूर लेकर के जा रहा है और यही सूत्र है जीने का| यही कला है जीने की| कि क्या चुनें और क्या न चुनें| इसी का नाम विवेक है|


पूरा लेख पढ़ें: http://tinyurl.com/hr53bae

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