कर्मयोग दीक्षा

5

आध्यात्मिक वर्धन हेतु बहुत महत्वपूर्ण होता है।

सभी प्राचीन शास्त्र, जैसे उपनिषद्, गीता इत्यादि वर्तमान समय में बहुत महत्त्व रखते हैं।

ये कहना कोई अतिश्योक्ति न होगी कि संतों और शास्त्रों के सानिध्य बिना जीवन सरासर व्यर्थ है।

आज अगर प्रकृति प्रलय के कगार पर है, समाज में हर दिशा में हिंसा व्याप्त है, तो उसका एक मात्र कारण यही है कि मनुष्य का मन अंधकार और अज्ञानता में विलीन हो चुका है।

आचार्य प्रशांत के सानिध्य में आयोजित, कर्मयोग दीक्षा, संसार में बोध के प्रकाश को स्थापित करने की दिशा में एक बहुत प्रमुख प्रयास है।

इस श्रृंखला में प्रमुख शास्त्रों में से कुछ चुनिंदा वक्तव्यों पर गहन अध्ययन किया जाएगा और हमारी रोज़-मर्रा के वास्तविक घटनाओं से इनका सम्बन्ध समझाया जाएगा। अनंत काल से चले आ रहे इन सभी शास्त्रों के रहस्य पर से आचार्य प्रशांत द्वारा आवरण हटाने के इस सुनहरे अवसर को न छोडें।

आचार्य जी, इन सभी सत्रों में स्वयं मौजूद होंगे। सभी सत्र, अद्वैत बोध्स्थल, नॉएडा में होंगें। सभी सत्र ऑनलाइन स्काइप पर भी उपलब्ध हैं।

31075277840_998b588205_k


आवेदन भेजने हेतु ई-मेल भेजें: requests@prashantadvait.com पर

दिनांक:  7 चुनिंदा दिवस 6 फ़रवरी-24 फ़रवरी के बीच

समय: सायं 7 बजे से 9 बजे

स्थान: अद्वैत बोध्स्थल: तीसरी मंजिल, G-39, सेक्टर-63, नॉएडा

श्रृंखला का समय: 840 मिनट

अन्य जानकारी हेतु संपर्क करें:

श्री अंशु शर्मा: +91 8376055661


सम्पादकीय टिप्पणी :

आचार्य प्रशांत द्वारा दिए गये बहुमूल्य व्याख्यान इन पुस्तकों में मौजूद हैं:

अमेज़न http://tinyurl.com/Acharya-Prashant
फ्लिप्कार्ट https://goo.gl/fS0zHf

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s