आचार्य प्रशांत से जुड़ने के माध्यम

General Poster


आचार्य जी से निजी साक्षात्कार

वो चंद भाग्यशाली लोग जिनके मन में आचार्य जी संग निजी समय बिताने की इच्छा उठती हो, उनके लिए यह एक अनूठा अवसर है। वो या तो स्काइप द्वारा या स्वयं उपस्थित होकर आचार्य जी से मिल सकते हैं।

ईमेल करें: requests@advait.org.in

या संपर्क करें: सुश्री अनुष्का: +91-9818585917


अध्यात्म और स्वस्थ मन

यह कोर्स मन के निम्नलिखित विकारों से निजाद दिलाता है: अवसाद, क्रोध, ईर्ष्या, ग्लानि, भय, लालच, अधिक-विचारना, वासना, अकेलापन। इस कोर्स का उद्देश्य आपके जीवन को मूलतः रूपांतरित करना है, न कि दवाई जैसे उथले और तात्कालिक तरीकों से सुकून पहुंचाना।

ई-मेल करें: requests@advait.org.in

या संपर्क करें: श्री अंशु शर्मा: +91-8376055661


विश्रांति

तीन दिवसीय शिविर। आचार्य जी के सानिध्य में रहने का सुनहरा अवसर। देश-विदेश तथा विभिन्न राज्यों में आयोजित किए जाने वाले इन बोध शिविरों का एक अनोखा माहौल होता है।
उस माहौल का हिस्सा बनने हेतु शीघ्र ही आवेदन भेजें।

स्थान: चेन्नई, तमिल नाडू

तिथि: 2-5 नवम्बर

संपर्क करें: श्री कुंदन सिंह: +91-9999102998

या, मेल करें: requests@advait.org.in


हार्दिक उल्लास शिविर

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तीन दिवसीय शिविर। आचार्य जी के सानिध्य में रहने का सुनहरा अवसर।

स्थान: जिम कॉर्बेट,रामनगर,उत्तराखण्ड

तिथि: 9-11 नवम्बर

ई-मेल करें: requests@anubodhfoundation.org

या संपर्क करें: श्री अपार:  +91-9818591240


जागृति माह

हर महीने आयोजित किये जाने वाले इन सत्रों में जीवन के किसी एक मुख्य विषय पर
आचार्य जी के साथ गहन चर्चा की जाती है एवं हर मनुष्य के निजी जीवन से जुड़े रहस्यों को उजागर किया जाता है।
यह सभी सत्र हमारी आम दिनचर्या के समस्याओं को हल करने में बहुत लाभदायक हैं।

इन सत्रों का ऑनलाइन स्ट्रीमिंग  के ज़रिये प्रसारण किया जाएगा। इस सुविधा से कोई भी व्यक्ति, दुनिया के किसी भी कोने से, आचार्य जी को सुन सकता है।

विषय: ‘खलिल गिबरान’

माध्यम: अंग्रेज़ी

तिथि: 11 नवम्बर से शुरू

ईमेल करें: requests@advait.org.in

या संपर्क करें: सुश्री अनुष्का: +91-9818585917


आध्यात्मिक ग्रंथों का शिक्षण (कोर्स)

इस कोर्स में आध्यात्मिक ग्रंथों पर गहन अध्ययन करके, उन्हें रोज़-मर्रा के जीवन में घटने वाली सभी घटनाओं से जोड़ा जाता है। कुछ चुनिंदा ग्रंथ जैसे श्रीमदभगवद्गीता, उपनिषद्, ब्रह्म सूत्र, अष्टावक्र गीता, इत्यादि पर अध्ययन करके उनमें निहित्त अलौकिक रहस्यों को उजागर किया जाता है।

इन सत्रों का ऑनलाइन स्ट्रीमिंग  के ज़रिये प्रसारण किया जाएगा। इस सुविधा से कोई भी व्यक्ति, दुनिया के किसी भी कोने से, आचार्य जी को सुन सकता है।

विषय: ‘संतवाणी’

माध्यम: हिन्दी

तिथि: 13 नवम्बर से शुरू

ईमेल करें: requests@advait.org.in

या संपर्क करें: श्री कमलेश जी: +91-9630055750


पार से उपहार

प्रशांत-अद्वैत फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया जाने वाला यह मासिक कार्यक्रम जन सामान्य को एक अनोखा अवसर देता है, गुरु की जीवनशैली को देख लाभान्वित होने का।

चंद सौभाग्यशालियों को आचार्य जी के साथ शनिवार और इतवार का पूरा दिन बिताने का मौका मिलता है। न सिर्फ़ ग्रंथों का अध्ययन, अपितु विषय-चर्चा, भ्रमण, गायन, व ध्यान के अनूठे तरीकों से जीवन में शान्ति व सहजता लाने का अनुपम अवसर।

स्थान: अद्वैत बोधस्थल, ग्रेटर नॉएडा

तिथि: 17-18 नवम्बर

ई-मेल करें: requests@advait.org.in

या संपर्क करें: सुश्री दिव्य मिश्रा: +91 – 8527968862


अद्वैत बोध शिविर

आचार्य प्रशांत जी के सानिध्य में रहने और दुनिया भर के दुर्लभ शास्त्रों का अध्ययन करने के इस सुनहरे अवसर को व्यर्थ न जाने दें। इस अवसर का पूरा लाभ उठाएँ। हर महीने आयोजित किए जाने वाले इन बोध शिविरों का एक अनोखा माहौल होता है। उस माहौल का हिस्सा बनने हेतु शीघ्र ही आवेदन भेजें।

स्थान: भोपाल,मध्य प्रदेश

तिथि: 23-26 नवम्बर

ई-मेल करें: requests@advait.org.in

या संपर्क करें: श्री अंशु शर्मा: +91 – 8376055661


उदगार मौन के – परिचय

नमस्कार! सुसंयोग से आप आध्यात्मिक साहित्य के एक अनूठे कोष पर आ पहुंचे हैं जो मनुष्य द्वारा पढ़े गए उच्चतम शब्दों के समकक्ष है। यह साइट 1000 से अधिक उत्कृष्टतम कोटि के आध्यात्मिक लेखों का संग्रह है। समसामयिक, किन्तु समयातीत। दैनिक जीवन से सम्बंधित, पर संसार के पार का सार लिए हुए।

इसके चार प्रमुख भाग हैं:

यहाँ आपको आचार्य प्रशान्त के माध्यम से आये हुए शब्द मिलेंगे (हाल के पोस्ट पर जाएँ)। युवा मर्मदर्शी (जीवनी पढ़ें) , जिनके शब्दयोग सत्रों, शून्य-स्मरण विधियों एवं अनहद-क्रिया उत्सवों द्वारा चहुँदिश शान्ति, बोध एवं प्रेम विस्तीर्ण हो रहे हैं। (1000+ लेखों की पूर्ण सूची पर जाएँ)

अनूठे हैं अस्तित्व के खेल। आपने प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन की शिक्षा आइ.आइ.टी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली) एवं आइ.आइ.एम (भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद)  से प्राप्त की। तदोपरांत आप प्रबंधक के तौर पर कुछ वर्षों तक, एवं भारतीय सिविल सेवा में कुछ सप्ताह तक रहे। परन्तु सत्य के आह्वान के समक्ष समस्त लब्धप्रतिष्ठ आकर्षण फीके पड़ जाते हैं। वर्षों की गहन आध्यात्मिक साधना के बाद आप कालातीत को समर्पित हो लिए और ‘प्राज्ञ आध्यात्मिकता द्वारा एक नयी मानवता के सृजन’ हेतु अद्वैत लाइफ़-एजुकेशन एवं अद्वैत-प्रशांत संस्थाओं की स्थापना की।

आज अद्वैत आन्दोलन के रूप में लाखों जनों के जीवन को छू रहा है। लोगों से सीधे संपर्क के अलावा इन्टरनेट आधारित अन्य माध्यमों के द्वारा भी संपृक्त होकर अद्वैत सभी के लिए बोध, शान्ति एवं प्रेम का माध्यम बन रहा है।

आप अनुग्रहीत हों!