लेख और संवाद – 2014

कॉलेज और विश्व विद्यालयों में बोले गए संवाद :

क्रमांक शीर्षक स्थल दिनांक
1 नायमात्मा बलहीनेन लभ्यः (The weak mind will never find the free Self) AKGEC Jan 14
2 माँ का अर्थ जानो और स्वयं को जन्म दो (Find and be your real mother) AKGEC Feb 14
3 अतीत की स्मृतियों को भूल क्यों नहीं पाता हूँ? (Why cannot I forget the past?) BBDIT Feb 14
4 जिसे करना है, वो अभी करता है (The one who really must act, acts now) BBDIT Feb 14
5 निर्भयता, न कि अभयता (Fearlessness, not confidence) BBDIT Feb 14
6 मैं किसी भी नियम पर चल क्यों नहीं पाता? (Why can’t I follow a discipline?) BBDIT Feb 14
7 क्यों अपना वैभव भूले बैठे हो? (Why have you forgotten your splendor?) MIT Feb 14
8 जगत पदार्थ है, तो स्त्री वस्तु मात्र(When the world is material,woman is a thing) MIT Feb 14
9 ख़ुशी क्या है? (What is happiness?) MIT Feb 14
10 नकली व्यक्ति को कैसे पहचानें? (How to identify a fake person?) MIT Feb 14
11 हमने दुःख आमंत्रित करने की ज़िद पाल ली है (We adamantly ask for pain) MIT Feb 14
12 दूर के लक्ष्यों में धूर्तता छुप बैठती है (Dishonesty hides behind distant goals) MIT Feb 14
13 समझ और ज्ञान में अन्तर (The difference between understanding and knowledge) AKGEC Feb 14
14 वर्तमान समय का क्षण नहीँ (The Present is not a moment in time) AKGEC Feb 14
15 दूसरों के सम्मान से पहले अपना सम्मान(Respect self before respecting others) AKGEC Feb 14
16 माता-पिता से वास्तव में प्रेम है? (Do you really love your parents?) AKGEC Feb 14
17 जीवन को गम्भीरता से कैसे ले सकते हो?(How can you be serious about life?) AKGEC Feb 14
18 दूसरों को सज़ा देने का विचार है तुम्हारी सज़ा (Forget punishing; won’t be punished) AKGEC Feb 14
19 निर्भरता का बोध मुक्ति की ताक़त (Realisation of dependence is power of freedom) AKGEC Feb 14
20 मन प्रशिक्षण के अनुरूप ही विषय चुनेगा(Mind chooses objects as per conditioning) AIT Feb 14
21 परम लक्ष्य पहले, बाकी लक्ष्य बाद में (Absolute goal first, other goals later) BBDIT Feb 14
22 डरते हो क्योंकि भूले बैठे हो (You are afraid because you have forgotten) AKGEC Feb 14
23 परम समर्पण (Sublime Surrender) AKGEC Mar 14
24 बाहरी प्रभावों से मन डगमगाता क्यों है?(Why does the mind quiver in disturbance?) MIT Mar 14
25 तुम कमज़ोर नहीं हो (You are not weak) MIT Mar 14
26 अभिभावकों से स्वस्थ सम्बन्ध (Healthy relationship with parents) MIT Apr 14
27 मन गलत दिशा में क्यों भागता है? (Why does the mind run to unwanted directions?) MIT Mar 14
28 जीवन का परमसुख क्या है? (What is the highest happiness of life?) MIT Mar 14
29 अपराधी कौन? (Who is a criminal?) AKGEC Apr 14
30 लालच कहाँ से आता है? (Where does greed come from?) AIT Apr 14
31 चोटों से डरकर संवेदना मत खो देना (Let fear of hurt not make you insensitive) AIT Apr 14
32 तुम मूल में निर्गुण हो (Your core has no qualities) AIT Apr 14
33 मानने से पहले, समझो (Understand before believing) AIT Apr 14
34 आत्म-सम्मान और अहंकार (Self-respect and ego) AIT Apr 14
35 अनपेक्षित स्थितियों का सामना कैसे करें?(How to face unexpected situations?) AIT Apr 14
36 यहाँ’ से बेहतर कोई जगह नहीं (‘Here’ is the best place possible) AIT Apr 14
37 करने से पहले सोचना आवश्यक है क्या?(Is it necessary to think before doing?) AIT Apr 14
38 स्वस्थ सामाजिक सम्बन्ध सम्भव हैँ?(Are healthy social relationships possible?) AIT Apr 14
39 अच्छी शुरुआत के बाद जुनून क्यों खो देता हूँ?(Why can’t I sustain my passion?) AIT Apr 14
40 साथ हैं, क्योंकि प्रेम है, या आदत है? (Togetherness, love or habit?) AIT Feb 14
41 पैसा कितना, और क्यों? (Why, and how much money?) AKGEC Apr 14
42 प्रगति क्या है? (What is development?) AKGEC Apr 14
43 मस्तमौला, हरफनमौला (Joy, in all that is) AIT Feb 14
44 निंदा का सुख! (Why are we so eager to condemn?) AIT Feb 14
45 जानना और श्रद्धा काफी हैं (Knowing and Faith are sufficient) ITM Apr 14
46 डर-डर के मर जाना है? (Want to live in fear, and then die?) ITM Apr 14
47 अनछुए रहो, अडिग रहो (Remain raw, remain resolute) ITM Apr 14
48 Acharya Prashant on Kabir: समर्पण सुविधा देख के नहीं (Fake surrender of convenience) ITM Apr 14
49 न समझौता, न हठ (Neither compromise, nor rigidity) AKGEC Feb 14
50 चोट देता है अखंड, लेकिन प्रेम में (The individual hurts you, but in love) AKGEC Feb 14
51 जग को साफ़ जानने के लिए मन साफ़ करो (To clearly know the world, have a clear mind) AKGEC Feb 14
52 डर आता है क्योंकि तुम उसे बुलाते हो (Fear comes because you invite it) AKGEC Feb 14
53 एकाग्रता का मुद्दा (The issue of concentration) AKGEC Feb 14
54 रास्ते से विचलित क्यों हो जाता हूँ ?(Why do I get deviated and distracted?) AKGEC Feb 14
55 आत्म- विचार से आत्म-बोध तक (From self-consciousness to self-awareness) AKGEC Feb 14
56 डर, बीमारी जो आदत बन जाती है (Fear, a disease that becomes a habit) AKGEC Feb 14
57 हर आदर्श संकुचित करता है (Every ideal is a limitation) BBDIT Apr 14
58 प्रेम बेगार नहीं है (Love is not a compulsion to give) BBDIT Apr 14
59 सुरक्षा नहीं मकान में,लड़की रहो उड़ान में (Walls give no security, girl go fly free) BBDIT Apr 14
60 प्रेम बेहोशी का सम्बन्ध नहीं (Relationship of ignorance is not love) BBDIT Apr 14
61 स्थिरता (Stillness) BBDIT Nov 14
62 भोग-प्रौद्योगिकी, महाविनाश (Technology for consumption,instrument of destruction) BBDIT Apr 14
63 विनाश की ओर उन्मुख शिक्षा (Your education is leading you to destruction) BBDIT Apr 14
64 बोध ही जीवन है (To understand is to live) BBDIT Apr 14
65 भावुकता क्या है? (What are emotions?) BBDIT Apr 14
66 कोशिश छोड़ो, सहज करो (Stop trying, simply act) BBDIT Feb 14
67 उचित-अनुचित में भेद कैसे करें? (How to distinguish between right and wrong?) BBDIT Feb 14
68 मीडिया कैसी खुराक दे रहा है मन को? (What is the media feeding your mind?) BBDIT Feb 14
69 न एकाग्रता, न नियंत्रण, मात्र होश (No control, no concentration, just attention) BBDIT Feb 14
70 सांसारिकता- नशा और नैतिकता (The world – inebriety and morality) BBDIT Feb 14
71 दोस्त वो जो तुम्हें तुम तक वापस लाए (The friend bring you back to you) BBDIT Feb 14
72 सवाल-जवाब नहीं, समाधान (Questions-answers don’t help, solutions do) BBDIT Feb 14
73 तर्क की सीमा (Argument is limited) BBDIT Feb 14
74 पाना और बांटना ही है प्रेम (To receive and distribute is Love) BBDIT Feb 14
75 आभार मन के स्रोत का (Gratitude to the source of the mind) ITM Mar 14
76 कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है? (Is life a trade?) ITM Mar 14
77 ध्यान क्यों टूट जाता है? (Why do I lose attention?) ITM Feb 14
78 मैं लगातार सोचता क्यों रहता हूँ? (Why do I keep thinking incessantly?) ITM Feb 14
79 सोचो ज़रूर, पर सोचते ही मत रह जाओ (Think hard, but not endlessly) ITM Feb 14
80 अभिभावकों की इच्छा और कॅरिअर का चुनाव (Parents’s will and career choice) ITM Mar 14
81 सिर्फ़ एक विकसित मन ही दोस्ती कर सकता है (Only a mature mind can enter friendship) ITM Mar 14
82 पैसा कितना और क्यों? (Money- how much, and why?) AKGEC Apr 14
83 कहानी तीन हाथों वाले बन्दर की (The monkey with three hands) JIMS Sep 14
84 आपके जाने के बाद भूल क्यों जाता हूँ?(Why do I slip after you are gone?) JIMS Sep 14
85 उम्र के साथ उलझनें क्यों बढ़ती हैं? (Why do complications increase with age?) MIT Mar 14
86 इन्तज़ार के मायने (What does it mean to wait?) AIT Sep 14
87 मेहनत या स्मार्टनेस?(Hard work or smart work?) AIT Sep 14
88 माफ़ करने का क्या अर्थ है? (What does it mean to forgive?) AIT Sep 14
89 निसंकोच होना क्या है? (What is frankness?) AIT Feb 14
90 चरित्र, आचरण क्या हैं? (What is meant by ‘character’?) AIT Oct 14
91 सारे धर्मों का स्रोत क्या है? (What is the source of all religions?) AIT Feb 14
92 सकारात्मक सोच- मात्र भ्रम (The fallacy of positive thinking) AIT Feb 14
93 मोह भय में मरे, प्रेम चिंता न करे(Attachment fears, love dares) AKGEC Sep 14
94 न भाग्य न कर्म, मात्र बोध है मर्म(Neither destiny nor action,just pure realisation) AKGEC Sep 14
95 शान्ति कैसे पाएँ? (How to attain peace?) AIT Nov 14
96 अच्छे-बुरे का अंतर कैसे करें? (How to distinguish between good and bad?) AKGEC Nov 14
97 मन की शीतलता का क्या अर्थ है? (What is meant by peace of mind?) AKGEC Feb 14
98 एक ठीक रखो, सब ठीक रहेगा (Take care of One, all will be taken care of) AKGEC Feb 14

अद्वैत स्थल में हुए बोध सत्रों से :

क्रमांक शीर्षक स्थल दिनांक
1 ध्यान है मन का स्वरस में डूबना(Meditation is submergence of mind in its essence) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
2 पूरे भी तुम, अधूरे भी तुम (You are complete, including all incompletenesses) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
3 कृपा, लीला और हुक्म में क्या अंतर है ? (Are Grace, Leela and Will different?) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
4 असली बीमारी है स्वास्थ्य का भ्रम (Illusion of wellness is the actual disease) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
5 ध्यान संकल्प है बोध में उतरने का (Attention is the urge for understanding) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
6 समय का मन और समय के पार (Time and the ending of time) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
7 क्या कर्मफल से मुक्ति सम्भव है? (Is freedom from the result of action possible?) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
8 समीप आओ, और बात करो (Come close, and talk) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
9 सब सदा सर्वथा पूर्ण (All is already and always perfect) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
10 साहसी मन समस्या को नहीं, स्वयं को सुलझाता है (The courageous mind solves itself) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
11 दुःख, सुख, और परमसुख (Sadness, happiness and Ultimate happiness) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
12 बुद्ध तुम्हें प्यारे न लगेंगे (You cannot love a Buddha) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
13 तुम्हें तो मृत्यु पूरा ही मिटा देगी (Nothing will remain of you after death) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
14 Acharya Prashant on Kabir: प्रेम और बोध साथ ही पनपते हैं (Love and Awareness rise together) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
15 तुम्हारा सबसे अंतरंग सम्बन्ध (Your most intimate relationship) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
16 धर्म- सत्य दिखाने के लिए या छुपाने के लिए?(Religion- to see the Truth or hide it?) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
17 धर्म परम नास्तिकता की कला है (Religion is the art of true atheism) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
18 घूँघट के पट खोल रे (Ghoonghat ke pat khol re) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
19 माँ-बाप को कैसे समझाएँ? (How to convince parents?) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
20 समाज नहीं,सामाजिकता है रोग(The problem is not the society,but the social mind) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
21 Acharya Prashant on Ashtavakra: कर्त्तव्य सज़ा है नासमझी की (Duty is the punishment of ignorance) अद्वैत बोध स्थल May 14
22 Acharya Prashant on Ashtavakra: उसको जानने के लिए उसके जैसा चाहिए (To know Him, be like Him) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
23 Acharya Prashant on Ashtavakra: न धैर्य न विवेक न निर्भयता (Neither Patience nor Discretion nor Fearlessness) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
24 कर्ताभाव भ्रम है (Doership is an illusion) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
25 Acharya Prashant on Kabir: किया कुछ न होत है (Nothing being done is happening) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
26 Acharya Prashant on Kabir: श्रद्धाहीन ज्ञान सिर्फ़ तड़प है (Without faith, attention is pain) अद्वैत बोध स्थल May 14
27 Acharya Prashant on Kabir: फुलवा भार न लै सकै (Let the mind refuse to be loaded) अद्वैत बोध स्थल May 14
28 Acharya Prashnat on Kabir: शरीर और आत्मा के मध्य सेतु है मन (Mind, the bridge between body and Source) अद्वैत बोध स्थल May 14
29 Acharya Prashant on Kabir: मन की दौड़ ही मन का बंधन है (The very movement of mind is its bondage) अद्वैत बोध स्थल May 14
30 Acharya Prashant on Kabir: ध्यान का फल है भक्ति (Attention must mature into Faith) अद्वैत बोध स्थल May 14
31 Acharya Prashant on Kabir: माया छोड़नी नहीं, सत्य पाना है (When the True is known, the false drops) अद्वैत बोध स्थल May 14
32 Acharya Prashant on Kabir: मन से मुक्ति मन की चाल (The illusion of freedom from mind) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
33 Acharya Prashant on Kabir: सत्य और संसार दो नहीं (The creator and the creation are one) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
34 आचार्य प्रशांत, कबीर पर: न रोने में, न हँसने में (Neither in tears, nor in smiles) अद्वैत बोध स्थल May 14
35 आचार्य प्रशांत, कबीर पर: सूरा के मैदान में,कायर फंसिया आए(The trouble is inside,why run outside?) अद्वैत बोध स्थल May 14
36 आचार्य प्रशांत, कबीर पर: अहं अगनि हिरदै जरै (Jealous even of the Guru) अद्वैत बोध स्थल May 14
37 आचार्य प्रशांत, कबीर पर: शान्ति का प्रयास ही अशांति है (Noise is the effort to be silent) अद्वैत बोध स्थल May 14
38 आचार्य प्रशांत: कर्मफल मिलता नहीं, ग्रहण किया जाता है(You get, what you ask for) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
39 आचार्य प्रशांत: सत्य से सदा बचने की दौड़ (Our never ending race to escape the truth) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
40 आचार्य प्रशांत, गुरु नानक पर: खोजना है खोना, ठहरना है पाना (Seek and you loose, stop in attainment) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
41 आचार्य प्रशांत, गुरु नानक पर: हमारा जीवन मात्र वृत्तियों की अभिव्यक्ति (Life is desires manifested) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
42 आचार्य प्रशांत, कबीर पर: तुम्हारा प्रतिरोध व्यर्थ है (Your resistance is futile) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
43 Acharya Prashant on Kabir: मन के मूड़े देखि करि, ता संग लीजै औट (What is right company?) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
44 Acharya Prashant:संवेदनशीलता, भावुकता नहीं (Sensitivity is not sentimentality) अद्वैत बोध स्थल Sep 14
45 Acharya Prashant on Kabir: चलना काफी है (Walking is enough) अद्वैत बोध स्थल Sep 14
46 Acharya Prashant on Nanak: मंदिर- जहाँ का शब्द मौन में ले जाये अद्वैत बोध स्थल Sep 14
47 Acharya Prashant on Ashtavakra:श्रद्धाहीन रिश्ते (Our relationships-a tale of spiritual bankruptcy) अद्वैत बोध स्थल Sep 14
48 Acharya Prashant on Kabir: मांगना – भिन्नता का संकेत (Begging – an indicator of separateness) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
49 Acharya Prashant on Kabir: गुरु वचन – अहंकार नाशी (Master speaks to demolish the ego) अद्वैत बोध स्थल May 14
50 Acharya Prashant on Nanak: प्रेम – मीठे-कड़वे के परे (Love – Beyond like and dislike) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
51 Acharya Prashant on Nanak: त्याग -छोड़ना नहीं, जगना(To drop is to awaken, not to quit) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
52 Acharya Prashant on Nanak: सुनना ही मोक्ष है (Listening is freedom itself) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
53 Acharya Prashant on Ashtavakra: ज्ञानी-जो निर्विशेष है (Sage- neither ignorant, nor seeker) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
54 Acharya Prashant:आशा-बेचैनी का झूठा इलाज(Hope- A false medicine for restlessness) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
55 Acharya Prashant on Kabir:आध्यात्मिकता -व्यक्ति गौण,सत्य सर्वोपरि (Spirituality – Truth above self) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
56 Acharya Prashant on Ashtavakra: गिरना शुभ क्योंकि चोट बुलावा है (Falling is good if He is calling) अद्वैत बोध स्थल Oct 14
57 Acharya Prashant on Kabir: मृत्यु का स्मरण – अमरता की कुंजी (Immortality in Remembrance of death) अद्वैत बोध स्थल Oct 14
58 Acharya Prashant on SahajoBai: जगत तरैया भोर की (To The Limitless through the Limited) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
59 Acharya Prashant on Kabir: जो सुख साधु संग में (The company of a saint is the only heaven) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
60 Acharya Prashant on Kabir: बहता पानी निर्मला(To flow is your essential nature) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
61 Acharya Prashant on Kabir: दुखिया दास कबीर है, जागे और रोए(Compassion – Fruit of Awareness) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
62 Acharya Prashant on Dariyadas: निष्ठा-किसके प्रति?(Devotion – Towards whom?) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
63 Acharya Prashant on Ashtavakra: जागरण का ताप ही वृत्तियाँ जला देगा(Fire of Awakening) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
64 Acharya Prashant on Ashtavakra: जहाँ समय है, वहाँ कर्मफल है (The fruit of Karma is in time) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
65 Acharya Prashant: मृत्यु में नहीं, मृत्यु की कल्पना में कष्ट है (Thought of death is painful) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
66 Acharya Prashant on Kabir : न समर्थन, न विरोध( Neither support nor opposition) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
67 Acharya Prashant on Bulleh Shah: गहरा प्रेम, गहरा विरोध(Deeper the love, Deeper the resistance) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
68 Acharya Prashant on Nanak : विधियों की सीमा (Limitations of Methods) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
69 Acharya Prashant :क्या एकाग्रता ध्यान में सहयोगी है?(Can concentration lead to attention?) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
70 Acharya Prashant on Kabir : फूल – मूल की अभिव्यक्ति(Personality – Expression of essence) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
71 Acharya Prashant on Ashtavakra : संसारी कौन? जो संसार से पूर्णतया अज्ञानी हो (Who is worldly?) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
72 Acharya Prashant on Ashtavakra: जीव के लिए ही मृत्यु है (Only for the born is death) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
73 Acharya Prashant on Meera: मूर्ति द्वार है अमूर्त का (Form as the door to the Formless) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
74 Acharya Prashant on Kabir : तुम्हारे ही केंद्र का नाम है गुरु( Guru is your essence) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
75 Acharya Prashant : तुम्हारे कायम रहते निकटता संभव नहीं(Ego can’t come close) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
76 Acharya Prashant on Dadu Dayal : दुःख – सुख की स्मृति(Suffering – Memory of happiness) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
77 Acharya Prashant on Nagridas : जीवन – अवसर स्वयं को पाने का (Life – Opportunity to know oneself) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
78 Acharya Prashant on Kabir: एक और आखिरी मौका ( The one and only chance) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
79 Acharya Prashant on Ashtavakra: भ्रांत कौन, और किसके लिए? (Who is deluded, and for whom?) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
80 Acharya Prashant on Kabir : बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर(What is Greatness?) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
81 Acharya Prashant on Ashtavakra: शिष्य कौन? (Who is a disciple?) अद्वैत बोध स्थल Oct 14
82 Acharya Prashant on Kabir : शरीर माने मृत्यु (Body means death) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
83 Acharya Prashant on Dadu Dayal: तुम ही सुख-दुःख हो (You yourself are happiness and sorrow) अद्वैत बोध स्थल Oct 14
84 Acharya Prashant on Kabir : मन – दुश्मन भी, दोस्त भी(Mind – The worst enemy, the best friend) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
85 Acharya Prashant: करीब आने का क्या अर्थ है? (What is real closeness?) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
86 Acharya Prashant on Kabir: असली रण अपने विरुद्ध है ( The real battle is within) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
87 Acharya Prashant:उत्तेजना की चाह ऊब की निशानी है (The urge for excitement is the proof of boredom) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
88 Acharya Prashant on Kabir: आशा बचाती है अतीत के कचरे को (Hope continues the rubbish of the past) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
89 Acharya Prashant: व्रत और उपवास में अंतर (Difference between rituals and fasting) अद्वैत बोध स्थल Sep 14
90 Acharya Prashant: असली जीना माने क्या? (What is meant by real living?) अद्वैत बोध स्थल Oct 14
91 Acharya Prashant on Charandas: जब चाहो तब मुक्ति (Freedom is whenever you want) अद्वैत बोध स्थल Oct 14
92 Acharya Prashant on Kabir: अमरता का वास्तविक अर्थ (The real meaning of immortality) अद्वैत बोध स्थल Oct 14
93 Acharya Prashant on Kabir: बाहर काम अंदर आराम (Relaxation amidst exertion) अद्वैत बोध स्थल Oct 14
94 Acharya Prashant: तुम दूसरों से कितने अलग हो? (How different are you from others?) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
95 Acharya Prashant on Kabir and Ashtavakra:शरीर का वास्तविक उपयोग ( Body’s real purpose) अद्वैत बोध स्थल Oct 14
96 Acharya Prashant: असंबद्धता स्वभाव है (Your nature is to not to belong) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
97 Acharya Prashant :बाहरी बदलाव क्यों ज़रुरी हैं?(Why is external change important?) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
98 Acharya Prashant on Nanak: सत्य – मूल्यवान नहीं, अमूल्य (Truth – Invaluable, not valuable) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
99 Acharya Prashant on Nanak: ना वो बढ़ता है, ना वो घटता है (Neither it increases nor it decreases) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
100 Acharya Prashant:जीत में जीते नहीं, न हार में हारे (Not victorious in victory,undefeated in defeat अद्वैत बोध स्थल Sep 14
101 Acharya Prashant on Ashtavakra: विश्राम का वास्तविक अर्थ (The real meaning of relaxation) अद्वैत बोध स्थल Sep 14
102 Acharya Prashant on Nanak: आप ही मूल आप ही शूल आप ही फूल (You the root You t अद्वैत बोध स्थल Sep 14
103 Acharya Prashant on Kabir: सभ्यता किस लिए है? (What is the civilization for?) अद्वैत बोध स्थल Sep 14
104 Acharya Prashant on Ashtavakra: मेरा असली स्वभाव क्या है? (What is my real nature?) अद्वैत बोध स्थल Sep 14
105 Acharya Prashant on Kabir: भक्ति माने क्या? ( What is meant by devotion?) अद्वैत बोध स्थल Sep 14
106 Acharya Prashant on Nanak: मन की उचित दशा क्या? (What is the right state of mind?) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
107 Acharya Prashant on Nanak: सुरति माने क्या? (What is meant by rememberance?) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
108 Acharya Prashant on Nanak: सुनने का वास्तविक अर्थ (The real meaning of listening) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
109 Acharya Prashant: दूसरे को अपना बोझ मत बनने दो (Don’t let the other become your burden) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
110 Acharya Prashant on Kabir: संवेदनशीलता क्या है? (What is sensitivity?) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
111 Acharya Prashant on Krishna: क्रिया और कर्म के बीच अंतर (Difference between activity and action) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
112 Acharya Prashant: Love is possible only in detachment अद्वैत बोध स्थल Jun 14
113 Acharya Prashant on Nanak: मेरा शरीर किस लिए है? (For what is my body?) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
114 Acharya Prashant on Nanak: भक्ति का आधार क्या है? (What is the foundation for devotion?) अद्वैत बोध स्थल Sep 14
115 Acharya Prashant on Nanak: सत्य किसको चुनता है? (Whom does the Truth choose?) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
116 Acharya Prashant: कर्मफल से बचने का उपाय (How to escape the fruit of action) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
117 Acharya Prashant: दुःख को समझना ही दुःख से मुक्ति है (Understanding of sorrow is freedom from it) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
118 Acharya Prashant on Nanak: सारी बेचैनी किसलिए? (For what is all restlessness?) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
119 Acharya Prashant: कामनाग्रस्त मन जगत में कामुकता ही देखेगा (Desirous mind sees only desire around) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
120 Acharya Prashant on GuruNanak: इन्द्रियों के पीछे की इन्द्रिय है मन(Mind – sense behind all senses) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
121 Acharya Prashant: जो छोटे मसले नहीं संभाल सकता, वो बड़े क्या संभालेगा(Small failures are big) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
122 Acharya Prashant: गुरु तुम्हारी बीमारी के कारणों का कारण जाने(Guru knows the reason behind reasons) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
123 Acharya Prashant: जो मौत से नहीं भागता उसे ज़िन्दगी मिल गई (Not avoiding death one meets life) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
124 Acharya Prashant on Kabir: माया नहीं दीवार ही, माया सत्य का द्वार भी (Illusion and Truth) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
125 Acharya Prashant on Kabir: गुरु से मन हुआ दूर, बुद्धि पर माया भरपूर (Guru alone redeems from Maya) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
126 Acharya Prashant on Kabir: माया की स्तुति में रत मन सत्य की निंदा करेगा ही (Against the Truth) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
127 Acharya Prashant: जीवन से अनजाना मन मौत से बचने को आतुर रहता है (Not knowing life, one fears death) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
128 Acharya Prashant: मनुष्य वही जो मनुष्यता की सीमाओं के पार जाए(To be human is to transcend humanity) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
129 Acharya Prashant on Kabir: केंद्र पर है जीवन शांत, सतह पर रहे तो मन आक्रांत (Peace and disquiet) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
130 Acharya Prashant on Kabir: तुम्हें ज़िन्दगी की पहचान होती तो ऐसे होते तुम? (Do you know anything?) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
131 Acharya Prashant on Kabir:जीवन गँवाने के डर से अक्सर हम जीते ही नहीं(Preserving life,refusing life) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
132 Acharya Prashant on GuruNanak: पता भी है कौन बचा रहा है तुम्हें? (Do you know your savior?) अद्वैत बोध स्थल Aug 14
133 Acharya Prashant on Kabir: अपनी बेसब्री की वजह जानते हो? (Do you know why you are impatient?) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
134 Acharya Prashant on Kabir: मत बताओ कि क्या जानते हो, दिखाओ कि तुम हो क्या (Knowledge is not being) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
135 Acharya Prashant on Kabir: प्रेम निभाने से कठिन और क्या? (Being true to love) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
136 Acharya Prashant on Kabir: कैसे बताएँ हमें हुआ क्या है (You will not know whats happening to me) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
137 Acharya Prashant on Kabir:मिल गया एक, और अब अनेकों से फुर्सत मिली(Got One, got freedom from others) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
138 Acharya Prashant on GuruNanak: सुनो ऐसे कि समय थम जाए (Listening that stops time) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
139 Acharya Prashant on Nanak: रोशनी को रोशन आँखें ही देख पाती हैं (The light in your eyes sees light) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
140 Acharya Prashant:सरलतम व श्रेष्ठतम मन ही आध्यात्मिक हो सकता है(Spirituality is for the finest mind) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
141 Acharya Prashant: ऊब कहीं बाहर से नहीं, तुम स्वयं से ही ऊबे हुए हो (You are bored of yourself) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
142 Acharya Prashant on GuruNanak:चतुर व्यापारी बाँटता ही जाता है,और बाँटने हेतु पाता है(Give, receive) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
143 Acharya Prashant,Kabirप्रेम में नाकामी का यही पुराना बहाना है,खुदा को तो पाना है खुद को भी बचाना है अद्वैत बोध स्थल Jun 14
144 Acharya Prashant on DaduDayal: बिखरे मन के लिए संसार में टुकड़े ही टुकड़े (Broken mind, broken world) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
145 Acharya Prashant: उलझे सम्बन्धों को कैसे सुलझाएँ? (Resolving tangled relationships) अद्वैत बोध स्थल May 14
146 Acharya Prashant:स्वीकृति की चाह और नियन्त्रण का भाव(Desire for acceptance and the urge to control) अद्वैत बोध स्थल May 14
147 Acharya Prashant: मात्र इन्द्रियाँ ही शरीर व संसार का प्रमाण(Only the senses prove the body&world) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
148 Acharya Prashant on Kabir: जहाँ मन आत्मस्थ हो जाए, मात्र वही जगह मंदिर कहलाए (Mind Self Temple) अद्वैत बोध स्थल May 14
149 Acharya Prashant on Kabir: तुम्हारे जीवन पर जो हक पूरा दिखाते हैं,वो मौत के समय कहाँ छुप जाते हैं? अद्वैत बोध स्थल May 14
150 Acharya Prashant on Kabir: एक को जाने बिना लिया अनेकों का ज्ञान, यही मूल अज्ञान है यही दुःख की खान अद्वैत बोध स्थल Jun 14
151 Acharya Prashant on Kabir:सीमाओं से बंधे नहीं न तोड़ने की तलब,सीमाओं की बात क्या हमें असीम से मतलब अद्वैत बोध स्थल Jun 14
152 Acharya Prashant on Kabir:जिसने असत्ता जानी शरीर और मन की,वही करेगा खोज अब स्वयं की(Body,Mind,Self) अद्वैत बोध स्थल May 14
153 Acharya Prashant on Kabir: मरोगे अकेले ही (Death – a great reminder of aloneness) अद्वैत बोध स्थल May 14
154 Acharya Prashant on Kabir: जानकर यदि भूल गये तो कभी जाना ही नहीं (Cannot be forgotten) अद्वैत बोध स्थल May 14
155 Shri Prashant on Kabir:गहराई अस्पर्शित रहे स्थितियों के संघात से,सागर बिखर नहीं जाता हवाओंके आघात से अद्वैत बोध स्थल May 14
156 Acharya Prashant:प्रेमी मात्र एक है अन्य का क्या विचार,जो सत को समर्पित उसे नहीं लुभाता संसार(Sati) अद्वैत बोध स्थल May 14
157 Acharya Prashant on GuruNanak:साधना के बाह्य प्रतीकों का आंतरिक अर्थ-Real meaning of Sadhna symbols अद्वैत बोध स्थल Jun 14
158 Acharya Prashant on Kabir: गरीब वो है जिसे अभी और चाहिए (Poor man is the one who wants more) अद्वैत बोध स्थल May 14
159 Acharya Prashant on Kabir:संसारी सिर्फ़ अपने लिए रोता,संत चिंतित संसार के लिए होता(A saint’s sorrow) अद्वैत बोध स्थल May 14
160 Acharya Prashant on Kabir: संत वो जो तुम्हें विशुद्ध तुम ही बना दे (The Saint brings you to You) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
161 Acharya Prashant on Kabir: इच्छा जिसे तलाश रही है वो इच्छा द्वारा मिल ही नहीं सकता (Desire fails) अद्वैत बोध स्थल May 14
162 Acharya Prashant on Kabir:जीते हुए को हारने से क्या डर?(Defeat is glorious,to the fully victorious) अद्वैत बोध स्थल May 14
163 Acharya Prashant on Kabir: ये वादे कभी पूरे नहीं होते (Promises unkept) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
164 Acharya Prashant on Kabir: निर्मलता की गहरी अभिलाषा ही तुम्हें निर्मल करती है (Purity purifies) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
165 Acharya Prashant on Kabir: उसकी गुलामी ही तुम्हारी आज़ादी है (His slavery is your freedom) अद्वैत बोध स्थल May 14
166 Acharya Prashant on Kabir: अपने अंधकार से दूसरों को कैसे रौशन कर पाओगे (Illumine yourself) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
167 Acharya Prashant on Kabir: रिक्त हृदय भर कब पाया लेने से, पाया कितना यह साबित होता देने से (Giving) अद्वैत बोध स्थल May 14
168 Acharya Prashant on Kabir:मन तुम्हारा पूरा भय से युक्त,कभी मत कहना तुम भय से मुक्त(Ubiquitous fear) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
169 Acharya Prashant on Kabir: उसके बिना तड़पते ही रहोगे (No peace without Him) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
170 Acharya Prashant: बदले स्थिति न बदले तुम्हारा स्थान, राजा वो जो आसन पर विराजमान (Seated firmly) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
171 Acharya Prashant on Kabir: सत्य न पढ़ा जाता है,न सुना जाता है,सत्य मात्र हुआ जाता है(Being in Truth) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
172 Acharya Prashant:मन के स्रोत से निकटता ही है मन की ताकत(Strength is nearness to the Source of mind) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
173 Acharya Prashant: निजता वो अदृश्य रौशनी है जो सब कुछ दिखाती है (Imperceptible individuality) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
174 Acharya Prashant on Rahim:एक अकारण दर्द जो प्राणों से प्यारा है(An unreasonable and beautiful pain) अद्वैत बोध स्थल Jun 14
175 Acharya Prashant on Kabir:कीचड़ का सानिध्य तुम्हारे रोम-रोम से महकेगा(Stench of profane association) अद्वैत बोध स्थल May 14
176 Acharya Prashant on Kabir: देह का हर रिश्ता नष्ट ही हो जाएगा, क्या है जिसे काल छू नहीं पाएगा? अद्वैत बोध स्थल May 14
177 Acharya Prashant on Kabir: वो तो तुम्हें देख ही रहा है, तुम उसे कब देखोगे? (Know who is watching?) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
178 Acharya Prashant: जिज्ञासा और मुमुक्षा में क्या अंतर है? (Curiosity versus self-inquiry) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
179 Acharya Prashant: तुम्हारे कर्म ही बताएंगे कि तुम कौन हो (Watch your actions to know who you are) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
180 Acharya Prashant: सच की अनुकम्पा से ही सच की प्यास जगती है (Truth calls for Truth) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
181 Acharya Prashant on Kabir: सारे सूखेपन को बहा ले जाता है प्रेम (Love – the ultimate solvent) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
182 Acharya Prashant on Khalil Gibran: सेक्स और मौत में क्या संबंध है? (Sex and death?) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
183 Acharya Prashant on Zen: पूर्णता मुखर मौन है; तुम्हारी सारी कहानियाँ अपूर्णता की हैं (Incompletion) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
184 Acharya Prashant on Ashtavakra: अमूल्य से निकटता ही मूल्यहीन का त्याग है(Proximity with Invaluable) अद्वैत बोध स्थल Nov 14
185 Acharya Prashant: संवेदनशीलता ही वास्तविक सभ्यता है (Sensitivity is the real etiquette) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
186 Acharya Prashant: आत्म-जिज्ञासा क्या है? (What is self-enquiry?) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
187 Acharya Prashant: सत्य अकस्मात उतरता है (Truth dawns in a flash) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
188 Acharya Prashant:शास्त्रों के स्रोत का अनुमान नहीं लगाना चाहिए(Source of Truth must not be assumed) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
189 Acharya Prashant: शास्त्र सहारा देते हैं, असली गुरु जीवन है (Life is the real Guru) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
190 Acharya Prashant on Upanishad:न बंधन है,न मुक्ति चाहिए(Neither bondage,nor the want for liberation) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
191 Acharya Prashant: ग्रन्थों के साथ सत्संग हो सकता है, तर्क या बहस नहीं (Scriptures and arguments) अद्वैत बोध स्थल Jul 14
192 Acharya Prashant:माँ-बाप तुम्हारी ही तरह आम हैं, उनसे विशिष्टता की उम्मीद अन्याय है (Parents & you) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
193 Acharya Prashant:गुरु तुम्हें वो याद दिलाता है जो तुम जानते ही हो-Guru reminds you of what you know अद्वैत बोध स्थल Dec 14
194 Acharya Prashant:विद्रोह के लिए सामर्थ्य की प्रतीक्षा मत करो,विद्रोह से ही सामर्थ्य आता है(Waiting) अद्वैत बोध स्थल Dec 14
195 आचार्य प्रशांत: मन का दमन व्यर्थ है अद्वैत बोध स्थल Feb 14
196 Acharya Prashant: पात्रता का क्या अर्थ है? (The meaning of worthiness) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
197 Acharya Prashant: प्रेम और आकर्षण (Love and attachment अद्वैत बोध स्थल Jan 14
198 Acharya Prashant on Osho and Sri Raman: कार्य-कारण (Cause and effect) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
199 Acharya Prashant: दुर्बलता को पात्रता कहना ही भिक्षावृत्ति है (Weakness cannot be entitlement) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
200 Acharya Prashant: शून्य में नग्न रह जितने लिबास ओढ़ने हों,ओढ़ो (Staying innocent,play with the masks) अद्वैत बोध स्थल Jan 14
201 Acharya Prashant: दुनिया के साथ-साथ तुम भी मात्र विचार हो ( You and the world are just thoughts) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
202 Acharya Prashant: योग का क्या अर्थ है? (What is the meaning of Yoga?) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
203 Acharya Prashant:जब आँखें खुलती हैं तो दुनिया बदल जाती है (As the eyes open, the world changes) अद्वैत बोध स्थल Feb 14
204 आचार्य प्रशांत, कबीर पर: गगन घटा गहरानी रे अद्वैत बोध स्थल Apr 14
205 आचार्य प्रशांत, कबीर पर:खेल के जारी रहने में मज़ा है और काम के खत्म हो जाने में (Kabir song) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
206 आचार्य प्रशांत: गलतियाँ और बदलाव (Mistakes and Change) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
207 आचार्य प्रशांत: प्रेम और होश (Love and attention) अद्वैत बोध स्थल Apr 14
208 आचार्य प्रशांत, कबीर पर: चदरिया झीनी रे झीनी अद्वैत बोध स्थल Apr 14
209 आचार्य प्रशांत: तेरी है ज़मीं, तेरा आसमां अद्वैत बोध स्थल Mar 14
210 आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर: खुद को जानने की कोशिश तुम्हें खुद से दूर ही ले जायेगी अद्वैत बोध स्थल Mar 14
211 आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर: अपनी बात तो तब करें जब कोई दूसरा नज़र आये (Alone and Alone) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
212 आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर: ज्ञान न अज्ञान, न सुख न दुःख अद्वैत बोध स्थल Mar 14
213 आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर: बिन देखे बिन सोचे बिन जाने, सब जानते हो तुम अद्वैत बोध स्थल Mar 14
214 आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर: दुनिया से अछूता कुछ है आपके पास? अद्वैत बोध स्थल Mar 14
215 आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर: जहाँ दिखे वहाँ देखो, जहाँ न दिखे वहाँ भी देखो अद्वैत बोध स्थल Mar 14
216 आचार्य प्रशांत: नया जीवन धीरे धीरे आता है, या एक छलाँग में? (Gradual or immediate?) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
217 आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र पर: सुन सुन कर भी नहीं समझते? (Deliberate ignorance) अद्वैत बोध स्थल Mar 14
218 आचार्य प्रशांत: साक्षित्व माने क्या? अद्वैत बोध स्थल Mar 14
219 आचार्य प्रशांत: अपने करे संसार तो मिला नहीं, परमात्मा क्या मिलेगा अद्वैत बोध स्थल Feb 14

विभिन्न अन्य लेख और संवाद :

क्रमांक शीर्षक स्थल दिनांक
1 Acharya Prashant on Krishna: आँखें फिर से खोलना ( Then wake up, again) Kanatal Mar 14
2 Acharya Prashant on Krishna: आओ, डूबो, बाकी सब भूलो (Come, dissolve, and forget all else) Kanatal Mar 14
3 Acharya Prashant on Krishna: छोड़ना नहीं, पाना (Attainment, not renunciation) Kanatal Mar 14
4 Acharya Prashant on Bulle Shah: पाया है, कुछ पाया है (There is something I have attained) Kanatal Mar 14
5 सत्यं सत्यं पुनः पुनः ( Truth, Truth, and Truth yet again) Kanatal Mar 14
6 सत्य अपने न होने में भी है (Truth shines even in its absence) Kanatal Mar 14
7 Acharya Prashant on Bulle Shah: बाज़ी ले गए कुत्ते! (Man, the disease of existence) शिवपुरी May 14
8 स्रोत की तरफ़ बढ़ो (Go towards the source) शिवपुरी Apr 14
9 कहीं भी मन क्यों नहीं लगता? (Why does the mind not rest anywhere?) AKGEC Oct 14
10 Acharya Prashant on Kabir: प्रशंसा – स्वास्थ्य का भ्रम (Appreciation gives the illusion of health) Adavit Bodh Sthal Oct 14
11 आचार्य प्रशांत: मदद या अहंकार? (Help or ego?) Bodhsthal Apr 14
12 आचार्य प्रशांत, कबीर पर: टुकड़ा टुकड़ा मन (Divided mind) Bodhsthal Apr 14
13 आचार्य प्रशांत, कबीर पर: गहरी वृत्ति को जानना ही है त्याग (Real renunciation) HD Bodhsthal Apr 14
14 आचार्य प्रशांत, कबीर पर: खर्च खर्च में अंतर (Different ways of spending) Bodhsthal Apr 14

बोध शिविरों से :

क्रमांक शीर्षक स्थल दिनांक
1 देहं से सोऽहं तक (From object to origin) Kainchi Dham Jun 14
2 Acharya Prashant on Nanak: समय, साधना और सुरति (Death, continence and remembrance) Kainchi Dham Jun 14
3 ईश्वर का डर’ क्या है? (What is ‘Fear of God’?) Kainchi Dham Jun 14
4 Acharya Prashant on Nanak: जो तुधु भावै (He likes those like Him) Kainchi Dham Jun 14
5 Acharya Prashant on Nanak: ही सालाहि एती सुरति न पाईआ (Praising without understanding won’t help) Kainchi Dham Jun 14
6 Acharya Prashant on Nanak: विस्मृति ही दूरी है (Forgetfulness is the separation) Kainchi Dham Jun 14
7 Acharya Prashant on Bulle Shah: इक्को रंग कपाई दा- बुल्ले शाह Kainchi Dham Jun 14
8 Acharya Prashant on Bulle Shah: इश्क़ दी नवियों नवीं बहार- बुल्ले शाह Kainchi Dham Jun 14
9 Acharya Prashant on Nanak: स्वेच्छा से समर्पण (Willing surrender) Kainchi Dham Jun 14
10 Acharya Prashant on Bulle Shah: हम गुम हूए- बुल्ले शाह Kainchi Dham Jun 14
11 Acharya Prashant on Nanak: जिसके हुक्म से संसार है (By whose command is the world) Kainchi Dham Jun 14
12 Acharya Prashant on Nanak: पहला याद रखो, आखिरी स्वयं हो जाएगा (Remember the first, the last will be alright) Kainchi Dham Jun 14
13 Acharya Prashnat on Bulle Shah: बस कर जी – बुल्ले शाह Kainchi Dham Jul 14
14 Acharya Prashant oon Bulle Shah: मैंनू कौन पछाणै – बुल्ले शाह Kainchi Dham Jul 14
15 Acharya Prashnat on Bulle Shah: उठ जाग घुराड़े मार नहीं – बुल्ले शाह Kainchi Dham Jul 14
16 Acharya Prashant on Bulle Shah: अब लगन लगी की करिए – बुल्ले शाह Kainchi Dham Jul 14
17 Acharya Prashant on Bulle Shah: जिस तन लगया इश्क़ कमाल- बुल्ले शाह Kainchi Dham Jul 14
18 Acharya Prashant on The Quran: वह निःसंग है; मात्र वह ही है (No partner has He; He alone is) Kainchi Dham Jul 14
19 विवेक क्या है? (What is Vivek- discretion?) Ranikhet Jul 14
20 Acharya Prashant on The Quran: अधूरे जिससे होते पूरे (That which brings completion to the incomplete) Kainchi Dham Jul 14
21 Acharya Prashant on The Quran: गुण निर्गुण के (Tributes to the attributeless) Kainchi Dham Jul 14
22 धर्मग्रन्थ- समयसापेक्ष और समयातीत (Scriptures- timebound and timeless) Kainchi Dham Jun 14
23 सोचिये खूब, पर श्रद्धा में (Think hard, but in faith) Kainchi Dham Jun 14
24 प्रयत्न माने क्या? (What is effort?) Kainchi Dham Jun 14
25 भक्ति ज्ञान की माता है (Faith is the mother of realisation) Kainchi Dham Jun 14
26 बोध खरीदा नहीं जाता (Understanding cannot be purchased) Kainchi Dham Jun 14
27 वह अपना पिता स्वयं है (He is his own father) Kainchi Dham Jun 14
28 ध्यान विचारशून्यता नहीं है (Attention is not thoughtlessness) Kainchi Dham Jun 14
29 पुरुषार्थ या प्रारब्ध? (Diligence or Destiny?) Kainchi Dham Jun 14
30 दुःख छूटता क्यों नहीं? (Why doesn’t suffering end?) Kainchi Dham Jun 14
31 सर्वदा-सर्वत्र’ से क्या अर्थ है? (What is meant by ‘always,everywhere’?) Kainchi Dham Jun 14
32 समभाव क्या है? (What is equanimity?) Kainchi Dham Jun 14
33 आदत नहीं, औचित्य (Understanding, not conditioning) Kainchi Dham Jun 14
34 वो सबको बुलाता है (He calls everyone) Kainchi Dham Jun 14
35 जीवन (Life) Kainchi Dham Jun 14
36 दुःख कहाँ है? Kausani Oct 14
37 Acharya Prashant on Jesus: जूझो नहीं, निश्छल मांगो (Donot struggle, just ask innocently) Saat-taal Jun 14
38 Acharya Prashant on Jesus: जो पकड़ेगा वो गँवायेगा (Clutch, and you lose it) Kainchi Dham Aug 14
39 प्रकृति के तीन गुण (The three Gunas in Prakriti) Kaudiyala Mar 14
Advertisements