लेख और संवाद – 2015

कॉलेज और विश्व विद्यालयों में बोले गए संवाद :

क्रमांक शीर्षक स्थल दिनांक
1 अलग-अलग धर्म क्यों हैं? (Why are there different religions?) AIT Apr 15
2 अपने ऊपर भरोसा क्यों नहीं है? (Why am I not sure of myself?) AIT Apr 15
3 झूठी आस्तिकता (False faith) AIT Mar 15
4 कुर्बानी माने क्या? (Real meaning of sacrifice) AIT Mar 15
5 आनंद क्या है? (What is Joy?) AIT Apr 15
6 बोध और परितोष (Realisation and contentment) Kanpur, Ganga Ghat Mar 15
7 आनंदित कैसे रहें? (How to enjoy life?) AIT Mar 15
8 डर और मदद (Fear and help) AIT Mar 15
9 पक्षी, आकाश, नदी, और तुम (Birds, Sky, River and You) Kanpur, Ganga Ghat Apr 15
10 संचय और डर (Accumulation and fear) AIT Apr 15
11 जीवहत्या और हिंसा (Slaughter of animals and violence) AIT Apr 15
12 असली आज़ादी है आत्मा (The Self is the real freedom) AIT Apr 15
13 हमारी खुशियाँ दूसरों पर निर्भर क्यों AIT Nov 15
14 न अंतर्मुखी न बहिर्मुखी, बस शांत (Neither introvert nor extrovert, just tranquil) AIT Nov 15
15 ‘उद्गार मौन के’ – इसका क्या अर्थ है? (What is meant by ‘Words into Silence’?) AIT May 15
16 भावुकता हिंसा है,संवेदनशीलता करुणा(Sentimentality violence,sensitivity compassion) AIT Nov 15
17 इन्हें तुम ज़रूरतें कहते हो? (You call these your needs?) AKGEC Feb 15
18 मन के मते न चालिए (Do not let the mind rule you) AKGEC Feb 15
19 हारना बुरा क्यों लगता है? (Why does it hurt to be defeated?) AKGEC Nov 15
20 बाहर देख-देख खुद को भूल ही जाते हो(Looking out at the world,one forgets the Self) ITM Apr 15
21 ईमानदारी, सत्य, पूर्णता….(Honesty, Truth, Wholeness…) ITM Apr 15
22 जितना लोगे उतना डरोगे, जितना लौटाओगे उतना भयमुक्त होओगे (Fear and dependency) BBDIT Apr 15
23 परिपक्वता का अर्थ है अनावश्यक से मुक्ति (Maturity is freedom from the inessential) BBDIT Apr 15
24 Attend to the facts and your imaginations will fall in place BBDIT Apr 15
25 तुम्हारी चालाकी ही तुम्हारा बंधन है; जो सरल है वो स्वतंत्र है (Guile is bondage) BBDIT Apr 15
26 जो प्रथम के साथ है उसे पीछेवालों से क्या डर (With the First, your are fearless) BBDIT Apr 15
27 बदल-बदल के भी क्या बदल पाए? (All appears changing in absence of real change) BBDIT Apr 15
28 तुम्हारी हैसियत है कुत्ते जैसा होने की? (Goal-less animals higher than man) BBDIT Apr 15
29 प्रेमियों का प्रेम अक्सर हिंसामात्र है(Violence often looks deceptively like love) BBDIT Apr 15
30 Why does one need to be reminded of his own nature? ITM Nov 15
31 मज़ा गहराई में ही है (Ecstasy lies in depths) ITM Nov 15
32 जो भीतर से एक है, उसे बाहर भी एक ही दिखाई देता है (One within, One without) AKGEC Feb 15
33 मान ही लिया है या जानते भी हो? (Have you just believed or do you really know) AKGEC Feb 15
34 तुम्हारी बेवफ़ाई ही तुम्हारी समस्या है (Your infidelity is your only problem) AKGEC Feb 15
35 Acharya Prashant on Rumi: खाली करो, खाली करो (Empty me of the world) Kanpur, Ganga Ghat Oct 15
36 Acharya Prashant on Rumi: जो महत्वपूर्ण है वो टलता रहा, व्यर्थ से जीवन भरता रहा (Priorities,future) Kanpur, Ganga Ghat Oct 15

अद्वैत स्थल में हुए बोध सत्रों से :

क्रमांक शीर्षक स्थल दिनांक
1 Acharya Prashant on Raman Maharishi: Asking ‘Who am I’ is honesty in face of falseness अद्वैत बोध स्थल Oct 15
2 Acharya Prashant : समर्पण माने क्या? (What is Surrender?) अद्वैत बोध स्थल Jan 15
3 Acharya Prashant: अध्यात्म क्या है? (What is Spirituality?) अद्वैत बोध स्थल Jan 15
4 Acharya Prashant: आलस माने क्या? (What is laziness?) अद्वैत बोध स्थल Jan 15
5 Acharya Prashant on Kabir :संत के शब्द – एक आमन्त्रण (Words of Saints – An invitation) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
6 Acharya Prashant on Kabir :प्रेम – आत्मा की पुकार (Love – The call of essence) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
7 Acharya Prashant : मन से दोस्ती कर लो (Become friends with your mind) अद्वैत बोध स्थल Apr 15
8 Acharya Prashant: आध्यात्मिक सूत्र क्या हैं? (What is a spiritual sutra?) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
9 Acharya Prashant : समर्पण का वास्तविक अर्थ (The real meaning of Surrender) अद्वैत बोध स्थल Jan 15
10 Acharya Prashant : ज्ञान इकट्ठा करके नहीं जान पाओगे (You will not know through knowledge) अद्वैत बोध स्थल Jan 15
11 Acharya Prashant on Kabir: जो भयभीत है उसके लिए भय ही विधि है (For the fearful, fear is the method) अद्वैत बोध स्थल Jan 15
12 Acharya Prashant: मैं लड़कियों से बात क्यों नहीं कर पाता?(Why can’t I talk to girls?) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
13 Acharya Prashant on Upanishad: साक्षित्व का वास्तविक अर्थ (The real meaning of Witnessing अद्वैत बोध स्थल Feb 15
14 Acharya Prashant on Kabir: उचित विचार कौन सा? (Which thought is appropriate?) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
15 Acharya Prashant on Kabir: उचित कर्म कौन सा है?(Which is an appropriate action?) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
16 Acharya Prashant on Kabir: हमारे रिश्तों की वास्तविकता (The reality of our relationships) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
17 Acharya Prashant: स्वस्थ मन कैसा? (What is a healthy mind?) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
18 Acharya Prashant: अनुकम्पा का क्या अर्थ है? (What is the meaning of Grace?) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
19 Acharya Prashant:ज़िम्मेदारी माने क्या? (What is responsibility?) अद्वैत बोध स्थल Sep 15
20 Acharya Prashant: मैं कौन हूँ? (Who am I?) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
21 Acharya Prashant: मेरे लिए कौन सी दिशा सही है? (Which is the right direction for me?) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
22 Acharya Prashant: तुलना को बीमारी मत बनने दो (Don’t let comparison become a disease) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
23 Acharya Prashant on Kabir: मैं इकट्ठा क्यों करता हूँ? (Why do I accumulate?) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
24 Acharya Prashant on Shiv Sutra: प्रयत्न किसके लिए है? (Effort is for whom?) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
25 Acharya Prashant on Rahim: सच्चा प्रेमी कौन? (Who is a real lover?) अद्वैत बोध स्थल Mar 15
26 Acharya Prashant on Kabir: क्षमा माने क्या? (What is meant by forgiving?) अद्वैत बोध स्थल Mar 15
27 Acharya Prashant on Meera: तैंतिस कोटि देवता मरिहैं (All is ephemeral) अद्वैत बोध स्थल Mar 15
28 Acharya Prashant on Avadhuta: आत्मा माने क्या? (What is meant by soul?) अद्वैत बोध स्थल Mar 15
29 Acharya Prashant on Bulleh Shah: मैं इतनी चिंता क्यों करता हूँ? (Why am I worried all the time?) अद्वैत बोध स्थल Mar 15
30 Acharya Prashant on Ashtavakra: वहीं मिलेगा प्रेम (Thence is love) अद्वैत बोध स्थल Mar 15
31 Acharya Prashant: दुनिया मुझ पर हावी क्यों हो जाती है? (Why does the world dominate me?) अद्वैत बोध स्थल Mar 15
32 Acharya Prashant on Kabir: मुझे इतनी ठोकरें क्यों लगती हैं? (Why do I suffer so much?) अद्वैत बोध स्थल Mar 15
33 Acharya Prashant on Krishna: तीन मार्ग- ध्यानयोग,कर्मयोग,ज्ञानयोग (Three ways:Dhyaan,Karm,Gyan Yog) अद्वैत बोध स्थल Mar 15
34 Acharya Prashant: आँखों का महत्व (The significance of eyes) अद्वैत बोध स्थल Mar 15
35 Acharya Prashant on Upanishad: शांति पाठ का महत्व (The importance of Shanti Path) अद्वैत बोध स्थल Mar 15
36 Acharya Prashant on Jesus: कब सुनोगे उसकी आवाज़? (When will you hear his voice?) अद्वैत बोध स्थल Mar 15
37 Acharya Prashant: मैं संतुष्ट क्यों नहीं रह पाता? (Why can’t I be satisfied?) अद्वैत बोध स्थल Mar 15
38 Acharya Prashant on Kabir: गुरु किसको मानें? (Who should be regarded as a Guru?) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
39 Acharya Prashant: माध्यम मंज़िल नहीं (The road is not the destination) अद्वैत बोध स्थल Apr 15
40 Acharya Prashant: पिछले जन्म से क्या अर्थ है? (What is meant by previous births?) अद्वैत बोध स्थल Apr 15
41 Acharya Prashant: मौत के डर को कैसे खत्म करूँ? (How to overcome the fear of death?) अद्वैत बोध स्थल Apr 15
42 Acharya Prashant: दमित जीवन ही उत्तेजना मांगता है (Only a suppressed life craves for excitement) अद्वैत बोध स्थल Apr 15
43 Acharya Prashant: What is meant by being vulnerable? अद्वैत बोध स्थल Apr 15
44 Acharya Prashant on Nanak: हम तुम्हारे समीप ही, मन जाए कहीं भी (With you I am, let the mind roam) अद्वैत बोध स्थल Jul 15
45 Acharya Prashant on Kabir: तुम ही साधु, तुम ही शैतान (You are the saint, you are the sinner) अद्वैत बोध स्थल Jun 15
46 Acharya Prashant: ध्यान का आखिरी बिंदु क्या है? (What is the final point of meditation?) अद्वैत बोध स्थल May 15
47 Acharya Prashant: महत्वपूर्ण है महत्वपूर्ण को याद रखना (It is important to remember the Important) अद्वैत बोध स्थल May 15
48 Acharya Prashant:जो भयानक है वो कुछ छीन नहीं सकता,जो आकर्षक है वो कुछ दे नहीं सकता अद्वैत बोध स्थल May 15
49 Acharya Prashant: क्रांति है अपना साक्षात्कार, महाक्रांति अपना सहज स्वीकार(Self,knowing,acceptance) अद्वैत बोध स्थल Jul 15
50 Acharya Prashant on LaoTzu:अस्ति है समाप्ति,शून्यता है अनंतता.What begins ends,nothingness sustains अद्वैत बोध स्थल Jul 15
51 Acharya Prashant:सत्य के सान्निध्य से बेहतर कोई विधि नहीं(Direct contact with the Truth) अद्वैत बोध स्थल Aug 15
52 Acharya Prashant: मुक्ति का पहला चरण – शरीर का सहज स्वीकार(Simple acceptance of body) अद्वैत बोध स्थल Jul 15
53 Acharya Prashant: जो योजना से नहीं मिला उसे बचाने की योजना मत बनाओ (Don’t try to secure Grace) अद्वैत बोध स्थल Aug 15
54 Acharya Prashant: सत्य के लिए साहस नहीं सहजता चाहिए (Truth requires simplicity rather than courage) अद्वैत बोध स्थल Aug 15
55 Acharya Prashant: प्रेम बाँटना ही प्रेम पाना है (To share Love is to get Love) अद्वैत बोध स्थल Aug 15
56 Acharya Prashant: एक ही तथ्य है और एक ही सत्य; दूसरे की कल्पना ही दुःख है (The immediacy of Truth) अद्वैत बोध स्थल May 15
57 Acharya Prashant:सत्य के अनंत रूपों को सत्य जितना ही मूल्य दो(Truth & its forms – equally valuable) अद्वैत बोध स्थल Aug 15
58 Acharya Prashant: समझे जाने की इच्छा कहीं सम्मान पाने की इच्छा तो नहीं? अद्वैत बोध स्थल May 15
59 Acharya Prashant: कर्तव्य और धर्म जितने अलग हैं, धर्म और प्रेम उतने ही एक अद्वैत बोध स्थल May 15
60 Acharya Prashant: काम को पूरी सच्चाई से चुनो और फिर उसमें निर्विकल्प होकर डूब जाओ अद्वैत बोध स्थल May 15
61 Acharya Prashant on Krishna: कचरे से मोह छोड़ना है वैराग्य; निरंतर सफाई है अभ्यास (Detachment) अद्वैत बोध स्थल Sep 15
62 Acharya Prashant: मन ने जो पकड़ा सब अधूरा, मन कहाँ जान पाएगा पूरा(The Complete is beyond the mind) अद्वैत बोध स्थल Sep 15
63 Acharya Prashant on Kabir: संसार चाहे भेंट तुम्हारे धन की; गुरु लेता भेंट अहंता मन की(Charity,Guru) अद्वैत बोध स्थल Jun 15
64 Acharya Prashant: मनुष्य वृत्तियों की भूमि पर परिस्थितियों का फैलाव है (Man – Vriti and society) अद्वैत बोध स्थल May 15
65 Acharya Prashant: अगर सभी बुद्ध जैसे हो गये तो इस दुनिया का क्या होगा? (What if all become Buddha?) अद्वैत बोध स्थल May 15
66 Acharya Prashant on Krishna: कृष्ण को चुनने दो कि कृष्ण का संदेश कौन सुनेगा अद्वैत बोध स्थल May 15
67 Acharya Prashant: झूठी धारणाओं से भरा यदि मन, झूठे सम्बन्धों से भर जाएगा जीवन (False relations) अद्वैत बोध स्थल May 15
68 Acharya Prashant: तर्क निश्चित सिद्ध कर देंगे कि मेरे पास आना व्यर्थ है(Reason will prove me wrong) अद्वैत बोध स्थल Jan 15
69 Acharya Prashant: छोटी बातों का कारण पूछो, जो भी बड़ा है वो अकारण है (The Immense is causeless) अद्वैत बोध स्थल Oct 15
70 Acharya Prashant: कर्ताभाव कौन त्यागेगा, कर्ता स्वयं ही मूल झूठ है (Doership? The doer is a lie) अद्वैत बोध स्थल Oct 15
71 Acharya Prashant:शराबखाने में और वक़्त बिताने से होश में नहीं आ जाओगे (The snare of experience) अद्वैत बोध स्थल Oct 15
72 Acharya Prashant: मन जिसका विरोध करता है, उसी का नाम दुःख रखता है (Suffering lies in resistance) अद्वैत बोध स्थल Dec 15
73 Acharya Prashant: आत्मज्ञान की तीन विधियाँ (Three methods of self-knowledge) अद्वैत बोध स्थल Dec 15
74 Acharya Prashant: मन में दो और दो कभी चार नहीं होता (How the mind colors facts with imaginations) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
75 Acharya Prashant on J.Krishnamurti: सोच- सोच कर देखा तो क्या देखा (Observing without thought) अद्वैत बोध स्थल Feb 15
76 Acharya Prashant: अपने सपनों का अर्थ जानो (Decode your dreams) अद्वैत बोध स्थल Apr 15
77 Acharya Prashant: मैं दुविधा में क्यों रहती हूँ? (Why am I so confused?) अद्वैत बोध स्थल Apr 15
78 Acharya Prashant: ताकत मत माँगो, देखो कि क्या तुम कमज़ोर हो (Enquire whether you are weak) अद्वैत बोध स्थल Apr 15
79 Acharya Prashant: धर्म को नशा क्यों कहा गया है? (Why has religion been called as an intoxicant?) अद्वैत बोध स्थल Apr 15
80 Acharya Prashant on Guru Nanak: अनकहे को सुना तो अज्ञेय को जाना (Listening, unsaid, unreachable) अद्वैत बोध स्थल Jul 15
81 Acharya Prashant:मन जब आत्मा में दृढ नहीं होता तब वो अपनी ही बनाई दुनिया में भटकता है(Fickle mind) अद्वैत बोध स्थल Sep 15
82 Acharya Prashant: पूरा पूरा ही पूरा, अधूरा अधूरा और अधूरा (Full is full always, part part stays) अद्वैत बोध स्थल Sep 15
83 Acharya Prashant: बदलाव से ही डरता है ये निरंतर बदलता मन (Change scares this always changing mind) अद्वैत बोध स्थल Sep 15
84 Acharya Prashant: ज्ञानी और अज्ञानी के बीच अंतर (Difference between gyani and agyani) अद्वैत बोध स्थल Sep 15
85 Acharya Prashant: क्यों ज़रुरी है कि संसार का काम चलता रहे? (Why must the world go on?) अद्वैत बोध स्थल Oct 15
86 Acharya Prashant:डराने वाले को छोड़े बिना डर कैसे छोड़ दोगे?(To leave fear,leave what gives you fear) अद्वैत बोध स्थल Sep 15
87 Acharya Prashant निकटवर्ती को ही हाथ बढ़ा कर सहारा दिया जा सकता है (Only the near one gets support) अद्वैत बोध स्थल Oct 15
88 Acharya Prashant on Krishna: जगते में जागे नहीं सोते नहीं सोए, वही जाने कृष्ण को दूजा न कोय अद्वैत बोध स्थल Sep 15
89 Acharya Prashant:एक गुरु से पाना चाहे और कुछ नहीं पाता है, दूजा गुरु के प्रेम में पाना भूल जाता है अद्वैत बोध स्थल Dec 15
90 Acharya Prashant:आगे और करने का विचार उन्हीं को आता है जो अभी के काम में पूरे नहीं होते(What next?) अद्वैत बोध स्थल Dec 15
91 Acharya Prashant: आंतरिक बीमारी ही बाहर से आकर्षक नकली दवाई बनकर बीमारी को कायम रखती है अद्वैत बोध स्थल Dec 15
92 Acharya Prashant: गुलाम कौन? जो अधूरी मुक्ति से राज़ी हो(Slavery is nothing but compromised freedom अद्वैत बोध स्थल Dec 15
93 Acharya Prashant: अंतर्भाव मात्र अज्ञान (Illusion hides as intuition) अद्वैत बोध स्थल Nov 15
94 Acharya Prashant: बोध में स्मृति का क्या स्थान है?( What is the place of memory in Awareness?) अद्वैत बोध स्थल Nov 15
95 Acharya Prashant: सही कर्म कौनसा? (What is the right action?) अद्वैत बोध स्थल Sep 15
96 Acharya Prashant: आदतें स्वभाव नहीं होती (No habit is your nature) अद्वैत बोध स्थल Sep 15
97 Acharya Prashant: क्या सत्य सबके लिए अलग-अलग होता है? (Is the Truth different for different people?) अद्वैत बोध स्थल Sep 15

विभिन्न अन्य लेख और संवाद :

क्रमांक शीर्षक स्थल दिनांक
1 धोखा कैसे खा जाते हैं हम ? (The ways in which we are deceived) रमन केंद्र Nov 15
2 Acharya Prashant on Kabir: न चिंता न चाहत, स्वभाव तुम्हारा है बादशाहत (Is worrying your nature?) रमन केंद्र Dec 15
3 प्राण क्या हैं? (What is Prana?) रमन केंद्र Jan 15
4 आचार्य प्रशांत: जो जानता हूँ उस पर अमल क्यों नहीं कर पाता? RKGEC Mar 15

बोध शिविरों से :

क्रमांक शीर्षक स्थल दिनांक
1 Acharya Prashant on Jesus: जिसने माँगा नहीं उसे मिला है (The one who desires not gets It) Kainchi Dham Feb 15
2 जैसे हो, वैसे आओ (Come as you are) Chopta Mar 15
3 स्वयं का बचाव जीवन से पलायन (Self-preservation is an escape from life) Kaudiyala Mar 15
4 निसंकोच संदेह करो;श्रद्धा अंधविश्वास नहीं (Doubt freely;faith isn’t blind belief) Kaudiyala Mar 15
5 स्वधर्म क्या है? (What is my Dharma?) Kaudiyala Mar 15
6 Acharya Prashant on DaduDayal: तुम्हारी प्रकृति है भूल जाना, और है स्वभाव भूलकर भी न भूल पाना Mukteshwar Nov 15
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